FASTag Kya Hai ? पूरी जानकारी 2023

क्या आप भी इसका जवाब जानना चाहते हैं तो चलिए आज मैं आपको इसके बारे में पूरी जानकारी देता हूं। फास्टैग एक इलेक्ट्रॉनिक टोल सिस्टम है जो एक तरह से ऐसा स्टीकर है जिस पर एक स्कैनर कोड लगा हुआ रहता और उस स्टिकर को गाड़ियों की विंडस्क्रीन पर लगाया जाता है। जिससे जो भी गाड़ी टोल प्लाजा से गुजरती है तो बस वहां पर गाड़ी को केवल रोकना है उसके बाद गाड़ी पर लगे फास्टैग स्केनर के द्वारा टोल भुगतान आसानी से हो जाता है।

FASTag kya hai?

fastag kya hai

क्योंकि इस फास्टैग स्टीकर डायरेक्ट आपके बैंक अकाउंट से जुड़े होंते है जिससे जितना भी टैक्स का भुगतान करना है अपने आप आपके खाते से जमा हो जाते हैं। इस तरीके से याशह फास्टेग रेडियो फ्रिकवेंसी आईडेंटिफिकेशन की तकनीक पर काम करती है। हालांकि फास्टैग की शुरुआत सरकार ने साल 2014 में लागू कर दिया था लेकिन उस समय यह केवल मुंबई और अहमदाबाद के बीच पड़ने वाली हाईवे टोल टैक्स प्लाजा पर ही लागू किया गया था ।

लेकिन अब लगभग सभी नेशनल हाईवे टोल प्लाजा में फास्टैग से टोल कलेक्शन करने की तकनीक को पूरी तरीके से अनिवार्य कर दिया गया है । यहां तक की सड़क परिवहन मंत्रालय ने साल 2019 के बाद जितने भी नए फोर व्हीलर वाहन खरीदे गए उन सभी वाहनों को अनिवार्य रूप से फास्ट्रेग लगाना अनिवार्य कर दिया था। फास्टैग टेक्नोलॉजी को नेशनल इलेक्ट्रॉनिक टोल कनेक्शन प्रोग्राम के द्वारा सड़कों में हो रहे लंबे जाम से निजात पाने के उद्देश्य से लागू किया गया। यह योजना इंडियन हाईवे मैनेजमेंट लिमिटेड के द्वारा लागू की गई थी जिसका संचालन एनपीसीआई के द्वारा हो रहा है।

FASTag के लाभ क्या हैं

  • फास्ट्रेक का सबसे अच्छीशा फायदा यह है कि टोल प्लाजा पर गाड़ियों की लंबी लाइन नहीं लगेगी और टोल ऑपरेटर्स को भी अब आसानी होगी।
  • वाहन चालको को भी अब टोल प्लाजा पर टैक्स देना आसान हो गया है अब सीधे उनके बैंक खाते से ही पैसा कट जाएगा।
  • फास्ट टैग टेक्नोलॉजी के सिस्टम के कारण अब लोगों के समय की भी बचत होगी वाहन चालको को टोल प्लाजा पर ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
  • पहले जब टोल प्लाजा पर फास्टैग टेक्नोलॉजी का सिस्टम नहीं हुआ करता था तो बहुत से वाहन चालक टैक्स से बच जाते थे । लेकिन अब सिस्टम के लागू हो जाने से कोई भी वाहन चालक टैक्स की चोरी नहीं कर पाएगा। इससे देश का भी विकास होगा।
  • अब टोल प्लाजा पर फास्टैग टेक्नोलॉजी के कारण टैक्स की अवैध वसूली भी नहीं हो पाएगी इस समस्या से वाहन चालकों को निजात मिल जाएगी।
  • फास्टैग टेक्नोलॉजी के कारण वाहन का मालिक अपने वाहनों का ट्रैकिंग कर पाएगा।
  • फास्टैग टेक्नोलॉजी के लागू होने से एमएमएस अलर्ट फैसिलिटी भी प्राप्त होगी और टोल प्लाजा में ओवरलोडिंग की समस्या भी अब कम हो जाएगी।
  • फास्टैग सिस्टम लागू होने के कारण अब नेशनल हाईवे के आसपास 20 किलोमीटर के दायरे में आने वाले सभी गांव के वाहन चालकों को ₹275 प्रति महीने टोल टैक्स देना होगा।

अलग-अलग वाहनों में लगने वाले फास्टैग

एक फास्टैग को अलग-अलग वाहनों के लिए उपयोग नहीं कर सकते हैं। क्योंकि फास्टैग स्टीकर अलग-अलग रंगों में मौजूद है जो अलग-अलग वाहनों के लिए उपयोग किए जाते हैं जैसे निजी वाहनों के लिए बैंगनी रंग का फास्टैग उपयोग में लाया जाता है वंहीं पर छोटे व्यापारिक वाहनों के लिए नारंगी रंग का फास्टैग प्रयोग होता है। मशीनरी वाहनों के लिए काले रंग का फास्टैग प्रयोग होता है वंही 2 Axle वाहनों के लिए हरे रंग और 3 Axle वाहनों के लिए पीले रंग का फास्टैग प्रयोग उपयोग में लाया जाता है। 4,5 और 6 Axle वाहनों के लिए गुलाबी रंग के फास्टैग होते हैं। वंहि 7Axle वाहनों के लिए आसमानी रंग में फास्टैग स्टीकर उपयोग में लाया जाता है।

FASTag को कहां से खरीदें

फास्टैग को खरीदने संबंधित जानकारी नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया के आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आप प्राप्त कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त फास्टैग एप्लीकेशन MY FASTag करके है जो प्ले स्टोर पर उपलब्ध है इस एप्लीकेशन को इंडियन हाईवे मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड के द्वारा डिजाइन किया गया है इसे इंस्टॉल करके आप यहां से फास्टैग को खरीद सकते हैं। इसके अतिरिक्त अमेजॉन, फ्लिपकार्ट, स्नैपडील, पेटीएम जैसे फास्टैग को ऑनलाइन खरीद सकते हैं। हालांकि फास्टैग टोल प्लाजा के साथ में बने बूथ पर भी भी मिल जाते हैं। यहां तक कि भारत में कुल 12 बैंक है जो RFID फास्टैग आईडी फास्टैग को उपलब्ध कराते हैं।

FASTag कैसे काम करता है

फास्ट्रेक वाहनों में लगाने के बाद किस तरीके से या काम करेगी तो बता दे कि जब किसी भी वाहन में फास्ट एक लगाया जाता है और जब वह वहां टोल प्लाजा से गुजरती है तो जैसे ही वह बूम बैरियर के नजदीक आती है वहां पर बूम बैरियर के कैमरे में लगे RFID रीडर वाहन पर लगे फास्टैग के बार कोड को स्कैन करती है और फिर उपलब्ध सभी डाटा को स्कैन करने के बाद फास्टैग वॉलेट से पैसे को डेबिट कर देती है

और इसके बाद बूम बैरियर खुल जाता है इस तरह कुछ ही सेकंड में वाहन चालक टोल टैक्स को भर के वहां से निकल सकता है । हालांकि ऐसे बहुत से लोग सोच रहे होंगे कि बिना फास्टैग के वाहन को टोल प्लाजा से गुजारेंगे तब क्या होगा? ऐसे में जो भी वाहन चालक बिना RFID के फास्टैग लेन में घुसता है तो उसे दोगुना टोल देना पड़ेगा। इसीलिए फास्टैग सिस्टम को अनिवार्य कर दिया गया है।

FASTag रिचार्ज कैसे करें

फास्टैग स्टीकर उपयोग में लाने के लिए उसको रिचार्ज करना पड़ता है और पहली बार का रिचार्ज चार्ज ₹150 होता है बात करें फास्टर को किस तरह रिचार्ज करें तो इसके लिए कई तरह के फास्टैग एप्लीकेशन लांच किए गए हैं जैसे कि Park+,MY FASTag ,FaSTAG आदि है। इन एप्लीकेशन के जरिए बहुत आसानी से फास्टैग को रिचार्ज कर सकते सकते हैं यह सभी एप्लीकेशन प्ले स्टोर पर उपलब्ध है। वंही fastag.ihmcl.com सभी फास्टैग को रिचार्ज कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त डेबिट कार्ड, यूपीआई और नेट बैंकिंग से भी फास्टैग को रिचार्ज कर सकते हैं लेकिन इसके लिए आपके फास्टैग का बैंक अकाउंट से लिंक्ड होना जरूरी है।

निष्कर्ष

इस वेबसाइट में हम आपको “कैसे करें” विषय के बारे में जानकारी प्रदान करने का प्रयास करते हैं। हम हमेशा अपने लेखों के माध्यम से आपको पूरी जानकारी देने का प्रयास करते हैं यदि आपको हमारी पोस्ट में कोई संदेह है तो आप कमेंट में पूछ सकते हैं हम आपको जल्द से जल्द जवाब देंगे और हमारी वेबसाइट को फॉलो करना और अपने सोशल मीडिया पर शेयर करना न भूलें।

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Nitesh Verma

नमस्कार दोस्तों, मैं Nitesh Verma hindimegeyan.com का Author और Founder हूँ. Technology, Internet सम्बंधित ब्लोग लिखता हु आशा करता हु आप को मेरी blog अच्छा लगा होगा. आपसे विनती है की आप इसी तरह मेरे सहयोग करते रहिये और मैं आपके लिए नई नई Technology, Internet सम्बंधित ब्लोग लिखता रहूँ, धन्यवाद

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